विदेश
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यात्रा संबंधी सलाह

भारत समृद्ध सांस्‍कृतिक विरासत एवं भौगोलिक सौंदर्य की भूमि है। भारत में पर्यटकों की रूचि के अनेक स्‍थल हैं तथा प्रत्‍येक वर्ष अनेक विदेशी पर्यटक, राष्‍ट्र के शाश्‍वत सौंदर्य का अन्‍वेषण करने के लिए विश्‍व के विभिन्‍न भागों से यहां आते हैं।

पर्यटक विभिन्‍न प्रयोजनों के लिए यहां आते हैं यथा पर्यटन, व्‍यवसाय, शिक्षा, पारिवारिक पुनर्मिलन इत्‍यादि।

पर्यटन, अवकाश बिताने या व्‍यापार संबंधी कार्यों के लिए भारत आने वाले विदेशी नागरिकों को अपने देश के यात्रा सलाहकार बुलेटिनों में जानकारी प्राप्‍त करनी चाहिए। भारत आने की योजना बनाने से पहले आपको सलाह दी जाती है कि आप अपने देश की यात्रा सलाहकार अधिसूचनाओं में उपलब्‍ध जानकारियां प्राप्‍त करें।

ये यात्रा मार्गदर्शिकाएं संभावित यात्रियों के स्‍वास्‍थ्‍य और सुरक्षा के संबंध में विशिष्‍ट जानकारी प्रदान करती हैं।

नीचे कुछ ऐसे तथ्‍य और बिन्‍दु दिए गए हैं जो विदेशी अतिथियों के लिए वास्‍तव में सहायक सिद्ध होंगे :

भारत के कुछ तथ्‍य

भारत के बारे में एक चीज जो देखने योग्‍य है, वह यहां की समृद्ध संस्‍कृति और अनोखी विविधता है। वास्‍तव में भारत विभिन्‍न परंपराओं, संस्‍कृतियों, रीति रिवाजों, धर्मों, जातियों आदि का सम्मिश्रण है। भारत पर अन्‍य तथ्‍यों तथा जानकारियों को पाने के लिए पढ़ें :

भारत पर अन्‍य तथ्‍यों तथा जानकारी
नाम इसका नाम भारत, इंडिया या हिन्‍दुस्‍तान है
क्षेत्रफल 3,287,263 वर्ग कि.मी.
आबादी 1,028 मिलियन (1 मार्च, 2001 की स्थिति के अनुसार)
राजधानी नई दिल्‍ली
धर्म भारत एक धर्म निरपेक्ष राज्‍य देश है जहां अनेक धर्मों के लोग एक साथ रहते हैं।
तटीय लंबाई 7,600 कि.मी.
भाषा भारतीय संविधान द्वारा 22 विभिन्न भाषाओं को मान्यता दी गई है, जिसमें हिन्दी आधिकारिक भाषा है। अनुच्छेद 343 (3) भारतीय संसद को विधि के अधीन कार्यालयीन उद्देश्यों के लिए अंग्रेजी के उपयोग को जारी रखने का अधिकार देता है।
मौसम भारत में मुख्‍य रूप से तीन मौसम होते हैं, शीतकाल, ग्रीष्‍म काल और वर्षा
राज्‍य और संघ राज्‍य क्षेत्र भारत में 28 राज्‍य और 7 संघ राज्‍य क्षेत्र हैं
सरकार सरकार का लोकतांत्रिक स्‍वरूप
राष्‍ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी
प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह
मुद्रा रुपया
राष्‍ट्रीय गान जन गण मन
राष्‍ट्रीय प्रतीक सारनाथ के सिंह स्‍तंभ की प्रतिकृति
राष्‍ट्रीय ध्‍वज समान अनुपात में गहरे भगवा रंग की ऊपरी पट्टी, सफेद रंग की बीच की पट्टी और नीचे गहरे हरे रंग की पट्टी वाला तिरंगा। इसके मध्‍य में सफेद पट्टी पर गहरे नीले रंग का एक चक्र
राष्‍ट्रीय जंतु बाघ
राष्‍ट्रीय पक्षी मोर
राष्‍ट्रीय फूल कमल
राष्‍ट्रीय पेड़ बरगद
राष्‍ट्रीय फल आम
राष्‍ट्रीय नदी गंगा
भारत का राष्‍ट्रीय जलीय जीव मीठे पानी की डॉलफिन
राष्‍ट्रीय पंचांग राष्‍ट्रीय कैलेंडर शक संवत पर आधारित है, चैत्र इसका माह होता है और ग्रेगोरियन कैलेंडर के साथ साथ 22 मार्च, 1957 से सामान्‍यत: 365 दिन निम्‍नलिखित सरकारी प्रयोजनों के लिए अपनाया गया
राष्‍ट्रीय गीत वन्‍दे मातरम
मुद्रा चिन्ह रुपए
समय क्षेत्र भारतीय समय क्षेत्र, भारतीय मानक समय (आईएसटी) ग्रीन विच औसत समय (जीएमटी) से 5.5 घण्‍टे (5 घण्‍टे और 30 मिनट) आगे है

भारतीय वीज़ा

भारतीय वीज़ा प्राप्‍त करने के लिए आपको जिन दस्‍तावेजों को जमा करने की आवश्‍यकता है वे इस प्रकार हैं :

  • वीज़ा आवेदन पत्र
  • आवेदन की तिथि पर कम से कम 6 माह की वैधता वाला पासपोर्ट
  • दो एक समान पासपोर्ट साइज़ के फोटो
  • सहायक दस्‍तावेज, वीजा के प्रकार पर निर्भर करते हुए
  • वीज़ा शुल्‍क

अतिथियों के पास कुछ विशिष्‍ट प्रतिबंधित / संरक्षित क्षेत्रों में जाने की अनुमति वैध रूप से होनी चाहिए। उन्‍हें आगमन / प्रस्‍थान के समय अपने आने / जाने की सूचना का कार्ड भरना चाहिए। लंबे समय तक वीज़ा रखने वाले (180 दिन से अधिक) भारत आए विदेशी अतिथियों को आने के 15 दिनों के अंदर निकटतम विदेशी पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) से पंजीकरण प्रमाणपत्र और आवास अनुमति प्राप्‍त करनी चाहिए। एफआरआरओ में पंजीकृत विदेशी अतिथियों को अपने पते में बदलाव की जानकारी देनी चाहिए। पंजीकरण अधिकारियों द्वारा जारी पंजीकरण प्रमाणपत्र भारत से जाने के समय उस हवाई अड्डे / जांच चौकी के प्रवासी अधिकारी को सौंप दिए जाने चाहिए। भारत के बाहर किसी स्‍थान पर यात्रा के लिए आने वाले यात्रियों को अधिकांश देशों से आने पर विदेशी यात्रा कर (एफटीटी) के रूप में 500 रुपए तथा अफगानिस्‍तान, बंगलादेश, भूटान, बर्मा, नेपाल, पाकिस्‍तान, श्रीलंका और मालदीव की यात्रा करने पर 150 रुपए की राशि कस्‍टम हवाई अड्डा, समुद्री पत्तन पर देनी होती है।

पहनने के लिए कपड़े

भारत में गर्मी का मौसम लंबा चलता है अत: जो विदेशी मार्च से जुलाई माह के माह भारत आने की योजना बना रहे हैं वे हल्‍के सूती कपड़े साथ ले जाए। ऐसे कपड़े पहनें जो बहुत अधिक भड़कीले न हों। यहां ठण्‍ड का मौसम अक्‍तूबर से फरवरी के बीच होता है जो उत्तर भारत के क्षेत्र में विशेष रूप से अधिक ठण्‍डा होता है। जो अतिथि इस अवधि के दौरान भारत आने के इच्‍छुक हैं उन्हें सलाह दी जाती है कि वे पर्याप्‍त गर्म कपड़े अपने साथ रखें। भारत में वर्षा का मौसम जुलाई से सितम्‍बर तक होता है और इन महीनों में मौसम बेहद नम होता है। भारत के कुछ धार्मिक स्‍थानों पर वेशभूषा की एक संहिता है, जैसे कि सिर ढक कर जाना, नंगे पैर जाना आदि। पर्यटकों को सलाह दी जाती है कि वे इनका पालन करें, ताकि संबंधित समुदाय के धार्मिक विचारों तथा भावनाओं को इससे कोई ठेस न पहुंचे।

भारतीय मुद्रा

भारतीय मुद्रा को रुपया कहा जाता है और संक्षेप में इसे आईएनआर कहते है। भारतीय मुद्रा के नोट 1 रुपया, 2 रुपए, 5 रुपए, 10 रुपए, 20 रुपए, 50 रुपए, 100 रुपए, 500 रुपए और 1000 रुपए के रूप में उपलब्‍ध हैं। एक रुपए में 100 पैसे होते हैं जिन्‍हें पुन: 10 पैसे, 25 पैसे और 50 पैसे के सिक्‍कों के रूप में इस्‍तेमाल किया जा सकता है। जबकि इन पैसों का बहुत कम उपयोग होता है। इस समय 1 रुपया, 2 रुपए, 5 रुपए और 10 रुपए के सिक्‍के भी उपलब्‍ध हैं। भारत में मुद्रा का बदलाव बहुत कठिन प्रक्रिया है, विशेष कर छोटे कस्‍बों में, अत: अतिथियों को सलाह दी जाती है वे एक ही बार में पर्याप्‍त राशि का परिवर्तन करें। सभी बैंकों में यात्री चैक स्‍वीकार नहीं किए जाते हैं। सुनिश्चित करें कि आप केवल प्रत्‍यायित ब्‍यूरो में धनराशि का बदलाव करें। अन्‍य किसी स्‍थान पर मुद्रा का बदलाव गैर कानूनी है और इससे जोखिम भी हो सकता है। विदेशी अतिथियों को यात्री चैक या विदेशी मुद्रा रखने पर कोई प्रतिबंध नहीं है और वे कितनी भी राशि साथ लेकर आ सकते हैं, बशर्ते उन्‍होंने आने के समय एक घोषणा पर हस्‍ताक्षर किए हों। इससे आपको आने के समय और वापस जाने समय खर्च न की गई राशि को दोबारा बदलने की सुविधा मिलती है। धनराशि को हवाई अड्डे पर आसानी से बदला जा सकता है। कुछ होटलों और अंतरराष्‍ट्रीय विदेशी मुद्रा प्रदाताओं की शाखाओं के पास भी यह सुविधा उपलब्‍ध है।

यात्रा टीकाकरण

भारत में अपनी छुट्टियां बिताने से पहले विदेशियों को इन विभिन्‍न रोगों के बारे में जानकारी होनी चाहिए कि मौसमी परिस्थितियों में सामान्‍य रूप से पाए जाते हैं। यहां भारत आने के लिए सर्वाधिक सामान्‍य टीकों की एक व्‍यापक सूची दी गई है।

  • हिपेटाइटिस ए : इस टीके की सिफारिश भारत आने वाले सभी यात्रियों को लगाने के लिए की जाती है।
  • हिपेटाइटिस बी : जो यात्री स्‍थानीय निवासियों के साथ नजदीकी संपर्क रख सकते हैं, उन्‍हें यह टीका लगवाना चाहिए, विशेष रूप से यदि उन्‍हें 6 माह से अधिक अवधि तक यहां रहना है।
  • टाइफॉइड : सभी यात्रियों को टाइफॉइड टीका लगवाने की सिफारिश की जाती है।
  • पीला बुखार : यह टीका केवल उन यात्रियों के लिए आवश्‍यक है जो अफ्रीका जैसे पीले बुखार से संक्रमित देश से होकर आया है अथवा वहां का निवासी है।
  • जापानी मस्तिष्‍क ज्‍वर : यह टीका एक माह से अधिक रहने वाले यात्रियों को लगाने की सलाह दी जाती है और उन्‍हें यदि ग्रामीण क्षेत्रों में यात्रा करनी है अथवा उन्‍हें असुरक्षित रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की गतिविधियों में विस्‍तृत रूप से शामिल होना है तब यह टीका लगवाना अनिवार्य है, विशेष रूप से शाम के बाद।
  • रेबीज़ : ऐसे यात्री जिन्‍हें जंतुओं के प्रत्‍यक्ष संपर्क में आना है, वे यह टीका लगवाएं।

भारत में कुछ अन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी जोखिम भी हैं जैसे हैजा, डेंगू बुखार, दस्‍त लगना, मलेरिया और मेनिनजाइटिस। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे इनके विरुद्ध स्‍वयं को सुरक्षित रखने के लिए सावधानीपूर्वक प्रयास करें।

यात्रा बीमा

यात्रा बीमा भारत आने वाले यात्रियों के लिए अनिवार्य है और यह अनुमानित आकस्मिकताओं जैसे यात्रा की योजना रद्द हो जाना या इसमें बाधा पड़ना, समान खो जाना या क्षतिग्रस्‍त हो जाना, यात्रा में विलंब, दुर्घटना आदि के दौरान एक अतिरिक्‍त सुरक्षा के रूप में कार्य क‍रता है।

जिन विदेशी यात्रियों का यात्रा बीमा नहीं है उनके पास किसी व्‍यक्तिगत दुर्घटना होने पर उनकी व्‍यक्तिगत क्षमता में वित्तीय भार अवश्‍य होना चाहिए। जबकि प्रत्‍येक दुर्घटना को यात्रा बीमा में अब तक शामिल नहीं किया गया है, फिर भी यह अधिकांश दुर्भाग्‍यशाली परिस्थितियों में सहायता दे सकता है। आपकी बीमा नीति में छोटे अक्षरों में लिखी हुई बाते पढ़ें और पता लगाएं कि क्‍या उसमें आपको शामिल नहीं किया गया है। यदि कोई बात बिगड़ जाती है तो आपको एक दावा जमा करना होता है और इस प्रयोजन के लिए आपके पास अपनी यात्रा के प्रमाण के रूप में बोर्डिंग पास, टिकट की प्रतियां और व्‍यय के लिए भुगतान की रसीदें होनी चाहिए।

यातायात के नियम

ऐसे कुछ भारतीय यातायात संबंधी नियम हैं, जिनका पालन आपको भारत में करना चाहिए। नीचे ऐसी कुछ मार्गदर्शी जानकारियां दी गई हैं जो भारत में आपकी यातायात संबंधी सुरक्षा को सुनिश्चित करती हैं:

भारत सरकार ने अंतरराष्‍ट्रीय ड्राइवर लाइसेंस (आईडीएल) को मान्‍यता दी है जबकि यह अधिक सुरक्षित है कि एक पेशेवर ड्राइवर के साथ कार को किराए पर लिया जाए। यदि आप भारत में लंबे समय तक रहने की योजना बनाते हैं और आपके पास अपने देश के सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी एक वैध ड्राइवर लाइसेंस (अनिवार्य नहीं कि एक आईडीएल हो) होना चाहिए। यदि आपके अंतरराष्‍ट्रीय ड्राइवर लाइसेंस की अवधि समाप्‍त हो गई है तो आप अपना समाप्‍त हो चुका लाइसेंस और अपने देश के दूतावास से परिचय पत्र के साथ इसे भारत में स्‍थानीय ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्‍त करने हेतु जमा कर सकते हैं। भारत में यातायात बांईं ओर चलता है अत: सड़क पार करते समय बेहद सावधानी रखें, विशेष रूप से यदि आपके देश में दांईं ओर ड्राइविंग का प्रचलन है।

वन्‍य जीवन व्‍यापार

भारतीय वन्‍य जीवन (संरक्षण) अधिनियम में सभी प्रकार के वन्‍य जीवन व्‍यापार पर प्रतिबंध हैं। इस अधिनियम के प्रावधानों का उल्‍लंघन करने पर भारी आर्थिक दण्‍ड और कारागार की सजा दी जा सकती है। अत: विदेशियों को सलाह दी जाती है कि वे हाथी दांत, फर और खाल से बनी सजावटी चीजों और उत्‍पादों अथवा कोई जंगली जानवरों को न खरीदें।

फोटोग्राफी

पर्यटकों को सैन्‍य महत्‍व के स्‍थानों, रेलवे स्‍टेशनों, पुलों, हवाई अड्डों, सैन्‍य स्‍थापनाओं, मेट्रो ट्रेनों, जनजातीय क्षेत्रों और संवेदनशील सीमा क्षेत्रों की तस्‍वीरें लेने के पहले अधिकारियों से अनुम‍ति लेनी होती है। कुछ मंदिरों, ऐतिहासिक स्‍मारकों, किलों, महलों, मकबरों और मठों में तस्‍वीरें लेने की मनाही है। अतिथियों को ट्राइपॉड और कृत्रिम रोशनी के साथ तस्‍वीरें लेने से पहले भारतीय पुरातत्‍व विभाग से विशेष अनुमति लेनी होती है। कुछ ऐति‍हासिक स्‍मारकों में अतिरिक्‍त शुल्‍क लिया जाता है।

भारत में सुरक्षित क्षेत्र

भारत में कुछ ऐसे स्‍थान हैं जहां प्रवेश प्रतिबंधित है। पर्यटकों को गृह मंत्रालय (एमएचए), नई दिल्‍ली से इन स्‍थानों पर जाने के लिए अनुमति लेनी होती है। इन स्‍थानों में से कुछ स्‍थान असम, पूर्वोत्तर के सीमांत राज्‍यों (मिजोरम, मणिपुर, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश), जम्‍मू और कश्‍मीर के सीमावर्ती क्षेत्र, उत्तर प्रदेश और राजस्‍थान, अंडमान निकोबार और लक्षद्वीप समूह के कुछ चुने हुए क्षेत्र शामिल हैं। यहां व्‍यक्तिगत रूप से जाकर या फोन के माध्‍यम से विशेष अनुमति के विवरण लिए जा सकते हैं:

विदेशी प्रभाग
गृह मंत्रालय, नॉर्थ ब्‍लॉक,
केंद्रीय सचिवालय, नई दिल्‍ली - 110 001
फोन: 23092011, 23092161
फैक्‍स: 23093750, 23092763


स्रोत: राष्‍ट्रीय पोर्टल विषयवस्‍तु प्रबंधन दल, द्वारा समीक्षित: 24-08-2012