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वृद्धाश्रम

वृद्धाश्रम उन वरिष्‍ठ नागरिकों के लिए होते हैं जो अपने परिवारों के साथ नहीं रहते अथवा निराश्रित होते हैं। भारत में दिल्‍ली, केरल, महाराष्‍ट्र और पश्चिम बंगाल आदि जैसे राज्‍यों में बहुत अच्‍छे वृद्धाश्रम बनाए गए हैं। इन वृद्धाश्रमों में वरिष्‍ठ नागरिकों के लिए विशेष चिकित्‍सा सुविधाएं उपलब्‍ध हैं जैसे कि चलती-फिरती स्‍वास्‍थ्‍य देख-रेख प्रणालियां, एंब्‍युलेंस, नर्सें और संतुलित आहार की व्‍यवस्‍था।

भारत में एक हज़ार से भी अधिक वृद्धाश्रम हैं। इनमें से अधिकांश वृद्धाश्रमों में मुफ्त ठहरने की व्‍यवस्‍था है। कुछ आश्रम प्रदान की गई सेवा की किस्‍म और गुणवत्‍ता के आधार पर भुगतान के आधार पर चलाए जाते हैं। भोजन, आश्रय और चिकित्‍सा सुविधाओं के अलावा वृद्धाश्रम में वरिष्‍ठ नागरिकों के लिए योगाभ्‍यास की कक्षाओं की भी व्‍यवस्‍था की जाती है। वृद्धाश्रमों में दूरभाष और संचार के अन्‍य माध्‍यम भी मुहैया कराए जाते हैं ताकि वहां रह रहे वृद्ध व्‍यक्ति अपने प्रियजनों से संपर्क बनाए रख सकें। कुछ वृद्धावस्‍था में दिन में देखभाल करने वाले (डे केयर सेंटर) भी हैं। इन केंद्रों में वरिष्‍ठ नागरिकों की केवल दिन में देखभाल की जाती है।

जिन वृद्ध लोगों का कोई आश्रय नहीं होता ओर कोई सहारा देने वाला नहीं होता उन्‍हें वृद्धाश्रम एक सुरक्षित आश्रय प्रदान करते हैं। इन केंद्रों में, वहां रहने वाले लोगों के बीच एक पारिवारिक माहौल पैदा किया जाता है। वरिष्‍ठ नागरिक जब अपने दुख और सुख आपस में बांटते हैं तो उन्‍हें सुरक्षा और मित्रता की भावना का अहसास होता है। नीचे भारत के कुछ वृद्धाश्रमों की सूची दी गई हैं:

स्रोत: राष्‍ट्रीय पोर्टल विषयवस्‍तु प्रबंधन दल, द्वारा समीक्षित: 01-02-2011