शिक्षा
यह पृष्‍ठ अंग्रेजी में (बाहरी विंडो में खुलने वाली वेबसाइट)

अध्यापक शिक्षा

अध्‍यापक शिक्षा योजना

  1. केंद्र द्वारा प्रायोजित अध्‍यापक शिक्षा योजना निम्‍नलिखित उद्दश्‍यों के साथ 1987-88 में शुरू की गई थी:
    1. जहां संभव हो मौजूदा प्रारंभिक अध्‍यापक शिक्षण संस्‍थानों (ईटीईआई) का स्‍तर बढ़ाकर और जहां आवश्‍यक हो नए डीआईईटी) की स्‍थापना कर जिला शिक्षण और प्रशिक्षण संस्‍थान (डीआईईटी) की स्‍थापना।
    2. चयनित द्वितीयक अध्‍यापक शिक्षण संस्‍थानों (एसटीईआई) का में स्‍तर बढ़ाना:
      1. अध्‍यापक शिक्षा कालेज (सीटीई) और
      2. शिक्षा में उच्‍च अध्‍ययन के संस्‍थान, और
    3. राज्‍य शैक्षिक शोध और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) को मजबूती प्रदान करना।
  2. योजना 2003 में संशोधित की गई और जनवरी 2004 में संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए गए। अध्‍यापक शिक्षा योजना के मुख्‍य उद्देश्‍य इस प्रकार हैं:
    1. डीआईईटी/सीटीई/आईएएसई/एससीईआरटी की उन परियोजनाओं को तेजी से पूरा करना जो नौवीं पंचवर्षीय योजना के दौरान मंजूर की गई थीं लेकिन समय से पूरी नहीं हो सकीं।
    2. नौवीं पंचवर्षीय योजना अवधि तक के डीआईईटी, सीटीई/आईएएसई को स्‍वीकृति प्रदान करना और एससीईआरटी को सुदृढ़ बनाना तथा उन्‍हें संचालन योग्‍य बनाना।
    3. आवश्‍यकतानुसार डीआईईटी/सीटीई/आईएएसई/एससीईआरटी की नई परियोजनाओं को मंजूरी देना और उन्‍हें लागू करना।
    4. डीआईईटी के सेवाकालीन और सेवा पूर्ण प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रमों की गुणवत्ता में सुधार करना ताकि वे अपने-अपने निर्धारित कार्यक्षेत्र में प्राथमिक और माध्‍यमिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में केंद्रीय भूमिका निभा सकें और अपेक्षित स्‍तर की उपलब्‍धि हासिल कर सकें।
  3. डीआईईटी/जिला संसाधन केंद्र (डीआरसी) स्‍थापित करने के मानदंड:
    1. कम से कम 2500 अध्‍यापकों वाले प्रत्‍येक जिले के लिए एक डीआईईटी, यदि जिले में पहले से सरकारी ईटीईआई है तो इसे डीआईईटी ग्रेड तक बढ़ाया जाएगा। यदि कोई ईटीईआई मौजूदा नहीं तो जिले में नया डीआईईटी स्‍थापित किया जाएगा।
    2. 2500 अध्‍यापकों वाले जिलों में जिला संसाधन केंद्रों की स्‍थापना यदि जिले में सरकारी ईटीईआई मौजूद है तो इसे डीआरसी स्‍तर तक बढ़ाया जाएगा अन्‍यथा नया डीआरसी स्‍थापित किया जाएगा। ऐसे मामले में ये केंद्र पूर्व-सेवा पाठ्यक्रम संचालित नहीं करेगा।
    3. यदि किसी जिले में 2500 से अधिक अध्‍यापक हैं तो राज्‍य सरकार डीआईईटी की अपेक्षा डीआरसी स्‍थापित करने को प्राथमिकता देगी।
  4. अध्‍यापक शिक्षा के लिए 11वीं योजना के प्रस्‍तावों के लिए एनसीईआरटी के निदेशक की अध्‍यक्षता में एक उप-समूह गठित किया गया था। उप-समूह की सिफारिशों के आधार पर, योजना के वर्तमान प्रावधानों को सुदृढ़ करने के अतिरिक्‍त 11वीं योजना के दौरान कुछ नई योजनाओं को शामिल करने का प्रस्‍ताव है।
    1. अनु.जा./ज.जा. तथा अल्‍पसंख्‍यक क्षेत्रों (ब्‍लौक अध्‍यापक शिक्षण संस्‍थान) में अध्‍यापक शिक्षण क्षमता बढ़ाना।
    2. सेवारत प्राथमिक और द्वितीयक अध्‍यापकों का व्‍यावसायिक विकास
      1. अप्रशिक्षित तथा सहा. अध्‍यापकों को प्रशिक्षण
      2. अध्‍यापनरत अध्‍यापकों को प्रशिक्षण और विषय की जानकारी को अद्यतन करना।
    3. अध्यापक शिक्षकों का व्‍यावसायिक विकास
      1. रिफ्रेशर प्राठ्यक्रम
      2. फेलोशिप कार्यक्रम
    4. एनजीओ को सहयोग
    5. उत्तरपूर्व के लिए विशेष कार्यक्रम
    6. अध्‍यापक शिक्षा में प्रौद्योगिकी
    7. उच्‍च शिक्षा के साथ एकीकृत प्राथमिक अध्‍यापक शिक्षा
  5. चालू वित्त वर्ष अर्थात् 2007-08 के दौरान अध्‍यापक शिक्षा योजना के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इनमें से 50 करोड़ रुपये उत्तर पूर्व क्षेत्र के लिए निर्धारित किए गए हैं।

स्रोत: राष्‍ट्रीय पोर्टल विषयवस्‍तु प्रबंधन दल, द्वारा समीक्षित: 19-01-2011