विशेष कार्यक्रम

स्वतंत्रता दिवस

स्वतंत्रता दिवस


जहां चित्त भयमुक्त हो, जहां हम गर्व से माथा ऊंचा करके चल सकें;
जहां ज्ञान मुक्त हो;
जहां दिन रात-विशाल वसुधा को खंडों में विभाजित कर छोटे और छोटे आंगन न बनाए जाते हों;
जहां हर वाक्य दिल की गहराई से निकलता हो;
जहां हर दिशा में कर्म के अजस्त्र सोते फूटते हों;
निरंतर बिना बाधा के बहती हो जहां मौलिक विचारों की सरिता;
तुच्छ आचारों की मरू रेती में न खोती हो, जहां पुरूषार्थ सौ-सौ टुकड़ों में बंटा हुआ न हो;
जहां पर कर्म, भावनाएं, आनंदानुभूतियां सभी तुम्हारे अनुगत हों, हे प्रभु, हे पिता
अपने हाथों की कड़ी थपकी देकर उसी स्वातंत्र्य स्वर्ग में इस सोते हुए भारत को जगाओ

'गीतांजलि' में रबीन्द्र नाथ टैगोर की रचना

15 अगस्त, का हमारे देश में राष्ट्रीय महत्व है। इसी दिन देश ब्रिटिश उपनिवेश से संप्रभु राष्ट्र बना था। इसीलिए हम इस दिन को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाते हैं। यह दिन हमारे देश में राष्ट्रीय उल्लास के रूप में मनाया जाता है, तथा देशभर में अवकाश होता है। इस वर्ष हम अपने देश की स्वतंत्रता की 63वीं वर्षगांठ मना रहे हैं।

स्वतंत्रता संघर्ष

इस दिन सभी देशवासी, स्वतंत्रता संग्राम के उन महान सेनानियों तथा राष्ट्रनायकों को श्रद्धापूर्वक याद करके श्रद्धांजलि देते हैं, जिन्होंने ब्रिटिश राज के विरोध में अपने जीवन की आहूतियां दे दीं।

स्वतंत्रता संघर्ष

आयोजन

स्वतंत्रता दिवस की वर्षगांठ के मौके पर देशभक्ति से पूर्ण आयोजन किए जाते हैं। हर व्यक्ति इसे अपने-अपने तरीके से मनाता है। देश भर के प्रकाशक, इस अवसर पर राष्ट्रीयता से ओतप्रोत विशेष परिशिष्टों का प्रकाशन करते हैं, जिनमें विशेष खबरें तथा रिपोर्ताज रहती हैं। टेलीविजन तथा रेडियो विशेष कार्यक्रमों का प्रसारण करते हैं। देशभक्ति की भावना से लबरेज फिल्में प्रसारित की जाती हैं। सार्वजनिक क्षेत्रों में देशभक्ति गीत-संगीत बजाए जाते हैं। विद्यालयों, शासकीय कार्यालयों तथा सामुदायिक केंद्रों में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया जाता है तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।

राष्ट्रीय स्तर पर आयोजन: देश के प्रथम नागरिक और देश के राष्ट्रपति स्वतंत्रता दिवस की पूर्वसंध्या पर 'राष्ट्र के नाम संबोधन देते हैं' - बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं' अगले दिन यानी स्वतंत्रता दिवस की सुबह दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर पर प्रधानमंत्री राष्ट्रध्वज फहराते हैं, जिसे 21 तोपों की सलामी दी जाती है। इसके बाद प्रधानमंत्री देश को संबोधित - बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं करते हैं। आयोजन के बाद स्कूली छात्र तथा राष्ट्रीय कैडेट कोर के सदस्य राष्ट्र गान गाते हैं।

लाल किले में आयोजित देशभक्ति से ओतप्रोत इस रंगारंग कार्यक्रम को देश के सार्वजनिक प्रसारण सेवा दूरदर्शन - बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं, द्वारा देशभर में सजीव प्रसारित किया जाता है।

स्वतंत्रता दिवस की संध्या पर राष्ट्रीय राजधानी तथा सभी शासकीय भवनों को रंग बिरंगी विद्युत सज्जा से सजाया जाता है, जो शाम का सबसे आकर्षक आयोजन होता है।

राज्य/स्थानीय स्तर पर आयोजन: देश के सभी राज्यों की राजधानी में इस अवसर पर विशेष झंडावंदन कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, तथा राज्य के सुरक्षाबल राष्ट्रध्वज को सलामी देते हैं। प्रत्येक राज्य में प्रदेश के मुख्यमंत्री ध्वजारोहण करते हैं। स्थानीय प्रशासन, जिला प्रशासन, नगरीय निकायों, पंचायतों में भी इसी प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

शासकीय भवनों को आकर्षक पुष्पों से तिरंगे की तरह सजाया जाता है।

पतंगोत्सव

स्वतंत्रता दिवस

15 अगस्त को देश का आकाश विभिन्न रंगों तथा आकार की पतंगों से भर जाता है। स्वतंत्रता दिवस के आयोजनों में पतंगोत्सव भी काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। इसे स्वतंत्रता के प्रतीक के रूप में उड़ाया जाता है। पतंग उड़ाने का यह उत्सव उत्तर भारत तथा मध्य भारत के कई स्थानों पर आयोजित किया जाता है।




राष्ट्रीय पोर्टल के साथ उत्सव मनाएं

राष्ट्रीय पोर्टल के साथ उत्सव मनाएं

15 अगस्त की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम राष्ट्रपति के संदेश - बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं लेकर दिल्ली के लाल किले में होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह - बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं के कार्यक्रमों का संपूर्ण प्रसारण आप भारतीय राष्ट्रीय पोर्टल पर देख सकते हैं।

आप प्रधानमंत्री का पूरा भाषण यहां से पढ़ सकते हैं तथा उत्कृष्ठ सेवाओं व कार्यों के लिए पुरस्कृत किए गए विजेताओं की सूची भी देख सकते हैं।

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कुछ विशेष आयोजन इस प्रकार हैं:




आइए साथ मिलकर देश की स्वतंत्रता की 63वीं वर्षगांठ मनाएं और भारत की ख्याति को चारों दिशाओं में फैलाएं।

जय हिंद!